शहरों में शुद्ध दूध मिलना मुश्किल होना है।मिलावट में क्या क्या मिलेगा,गंदा पानी,निरमा, केमिकल ...न जाने क्या क्या???
शहरी कालोनियों में भी गाय रखने का आदेश जारी करें। कुछ नहीं तो हर तीसरा घर गाय रखता तो अपने गेट पर नाद की व्यवस्था करें।एक इम्प्लायमेट होगा।२-३घरो को दूध बेचेगा। इनवायरमेंट ठीक होगा।गोपालन की परम्परा भी मजबूत होगी।
गो मूत्र,गोबर को उठाने स्वीपर ,जो रोज कुडे की गाड़ी लेकर आते हैं।उठाये। उन्हें पर 100/पर माह हर घर से देने का आदेश हो।
इससे एक पाज़िटिव रुख समाज में आयेगा।
कुत्ते रखने और उनकी शौच आदि घर में ही कराये, नहीं तो फाईन देनी होगी। HIG घरों में गमले रखना अनिवार्य होगा।10घरों में एक माली रखें।300/प्रति घर कम से कम देय होगा। भारतीय परम्परागत परिवेश से हम जागृत होंगे।इससे हम रोजगार बढा पायेगें।
Comments
Post a Comment